9/22/26

Chimpanzees and humans in hindi

 



मानव विकास की जब भी बात होती है तो इतिहास हमें एक तस्वीर दिखाता है. इसमें इंसान बनने के पांच चरण दिखाए जाते हैं. सबसे पहले चार पैरों पर चलने वाला एक जीव होता है जो धीरे-धीरे दो पैरों पर खड़ा होता है और आखिर में आदिमानव के तौर पर नजर आता है. वैज्ञानिक तौर पर ये पुष्ट भी है कि इंसानों का विकास ऐसे ही हुआ है. इंसानों का DNA इस तथ्य को और मजबूत बनाता है. दुनिया में चिंपैंजी ऐसा जीव है जिसका तकरीबन 98.5 प्रतिशत DNA इंसानों से मिलता है. ऐसे में वैज्ञानिकों के मन में कई बार ये सवाल कि आखिर इंसानों और चिंपैंजी के बीच क्या रिश्ता है?

पहले बात DNA की, जिसे एक आनुवांशिक कोड माना जाता है. किसी भी जीव को अपने मां-बाप से सबसे पहले DNA ही मिलता है जो शरीर को बनाने और चलाने की पूरी जानकारी रखता है. इसमें सिर्फ चार अक्षर A, T, G, C होते हैं, जिनकी संख्या अरबों में होती है. इन्हीं अक्षरों का अलग-अलग क्रम तय करता है कि कौन इंसान है, कौन चिंपैंजी और कौन चूहा. जब वैज्ञानिक दो प्रजातियों के डीएनए की तुलना करें हैं तो इस क्रम को एक दूसरे के साथ मिलाकर देखा जाता है कि कितने अक्षर एक जैसे बन रहे हैं. जब चिंपैंजी के DNA पर रिसर्च की गई तो सामने आया कि यह इंसानों से 98 से 99 प्रतिशत तक मिलता है.

अगर इंसान और चिंपैंजी का DNA 98.8 परसेंट एक जैसा है, तो हम इतने अलग क्यों हैं? नंबर कहानी का कुछ हिस्सा बताते हैं। हर इंसानी सेल में लगभग तीन बिलियन बेस पेयर, या जानकारी के बिट्स होते हैं। इसका सिर्फ़ 1.2 परसेंट ही लगभग 35 मिलियन अंतर के बराबर है। इनमें से कुछ का बड़ा असर होता है, कुछ का नहीं। और DNA के दो एक जैसे हिस्से भी अलग-अलग तरह से काम कर सकते हैं—उन्हें अलग-अलग मात्रा में, अलग-अलग जगहों पर या अलग-अलग समय पर "चालू" किया जा सकता है।


इंसान और चिंपैंजी का रास्ता लगभग 80 से 70 लाख साल पहले एक साझा पूर्वज से अलग हुआ था।






150 लाख साल पहले होमिनिडे का जन्‍म हुआ. जिन्‍हें ग‍िब्‍बन या महान वानर के नाम से भी पहचाना जाता है. ज्‍यादातर लोग इन्‍हें अपना पूर्वज मानते हैं और हमें इनके बारे में व‍िस्‍तार से बताया भी जाता है. आज जो इंसान हैं, उनकी शक्‍ल भी इनसे काफ‍ी म‍िलती जुलती है.

साइंटिस्‍ट के मुताबिक, लगभग 70 लाख साल पहले इन ग‍िब्‍बन से गोर‍िल्‍ला का व‍िकास हुआ. इन्‍हीं ये चिम्पांजी पैदा हुए और बाद में इंसानों के अलग-अलग वंश पैदा हो गए. वैज्ञान‍िकों को इस बात के सबूत मिले हैं क‍ि लगभग 55 लाख साल पहले जो प्राचीन मानव पैदा हुए, वे दिखने में चिम्पांजी और गोरिल्ला की तरह ही नजर आते थे. इन्‍हें अर्डिपिथेकस कहा गया. इसके बाद 40 लाख साल पहले वानों की तरह दिखने वाले मानवों का जन्‍म हुआ. इनके पास पास चिंपांज़ी से बड़ा दिमाग नहीं था, लेकिन अन्य मानव जैसी विशेषताएं थीं. 29 से 39 40 लाख साल पहले आस्ट्रेलोइपिथेकस एफरेन्सिस अफ्रीका में रहते थे.

वैज्ञान‍िकों के मुताबिक, 27 लाख साल पहले पैरेन्थ्रोपस का जन्‍म हुआ, जो जंगलों में रहते थे. इनके पास चबाने के लिए विशाल जबड़े थे. इनमें से ज्‍यादातर मांसाहार करते थे. इनका कुछ और विकास हुआ तो 26 लाख साल पहले इन्‍होंने हाथ की कुल्हाड़ियां बनाईं, ताकि जानवरों का श‍िकार कर सकें. लगभग 23 लाख साल पहले माना जाता है कि होमो हैबिलिस पहली बार अफ़्रीका में नजर आए. और ज‍िस मानव को हम देखते हैं, उनका व‍िकास या उनकी उत्‍पत्‍त‍ि 18 से 19 लाख साल पहले मानी गई है. इसके जीवाश्म भी रिकॉर्ड क‍िए गए हैं.

मानवों का कुछ और विकास हुआ तो 8 लाख साल पहले उन्‍होंने आग जलाना शुरू कर दिया. चूल्‍हा बनाते थे. यहां से इनके मस्‍त‍िष्‍क का तेज गत‍ि से व‍िकास हुआ. 4 लाख साल पहले निएंडरथल पहली बार एशिया और यूरोप में नजर आए और फ‍िर यहीं से पूरी दुनिया में फैलने लगे. आज जो मानव हम देखते हैं, उनका व‍िकास अफ्रीका में हुआ. और लगभग 40,000 वर्ष पूर्व आधुनिक मानव अफ्रीका से यूरोप पहुंचे. यानी आप सीधे-सीधे मान सकते हैं क‍ि आज से लगभग 17 लाख साल पहले पूर्वी अफ्रीका में आधुन‍िक मानव पत्‍थर को औजार के रूप में इस्‍तेमाल करने लगे थे.